प्राकृतिक अपक्व आहार शिविर में लोगों ने जाना

प्राकृतिक अपक्व आहार शिविर में लोगों ने जाना
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प्राकृतिक अपक्व आहार शिविर में लोगों ने जाना

स्वास्थ्य का महत्व स्वाद से है अधिक

जमशेदपुर :-यूनिवर्सल पीस पैलेस, मरीन ड्राइव, जमशेदपुर शिविर के दूसरे दिन लोगों ने यह समझना शुरू कर दिया कि प्राकृतिक भोजन में ही वास्तविक पोषण होता है। वे इस बात से सहमत हो गए कि अब तक वे जो भोजन कर रहे थे, उसमें पोषक तत्व अत्यंत कम मात्रा में थे। अब प्रतिभागियों ने यह महसूस किया कि स्वास्थ्य का महत्व स्वाद से कहीं अधिक है।


जानिए क्या कहा बी. वी. चौहान ने कहा ।


उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वास्थ्य ही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सुबह का 8 घंटे का उपवास अत्यंत लाभकारी है। उपवास के बाद विभिन्न कच्ची हरी सब्जियों और पत्तों से बना हरा जूस पीना शरीर को पूरी तरह से डिटॉक्स करता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रोज़ाना दो बार एनीमा (शरीर की आंतों की सफाई) करना अनिवार्य है।आगे उन्होंने “बॉडी सर्विसिंग” की संकल्पना समझाई । जिसमें एक दिन केवल पानी पर उपवास करना और अगले दिन हरी सब्ज़ियों व पत्तों से बने डिटॉक्स जूस का सेवन करना शामिल है।

प्राकृतिक अपक्व आहार शिविर में लोगों ने जाना

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से शरीर को दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। उन्होंने हर 15 दिनों पर एक बार उपवास को स्वास्थ्य के लिए हितकर बताया।
उन्होंने भोजन और जल सेवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कहां कि ” हमें तभी खाना चाहिए जब हमें भूख लगे और तभी पानी पीना चाहिए जब प्यास लगे।” उन्होंने बताया कि यदि हम यह दिनचर्या लगातार अपनाएं, तो शरीर में पर्याप्त जल संचित रहेगा और बार-बार प्यास नहीं लगेगी।


उन्होंने कहा कि यदि दिनचर्या शुद्ध हो जाए, तो सुबह उठते ही मुँह में ताजगी महसूस होगी और ब्रश करना मात्र औपचारिकता बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज की विज्ञान-प्रेरित जीवनशैली ने हमें प्राकृतिक भोजन और सब्जियों की सुंदरता से दूर कर दिया है- अब समय है कि हम पुनः प्रकृति से जुड़ें।

आध्यात्मिक पक्ष में, ब्रह्माकुमारी अंजू बहन जी ने सभी को आध्यात्मिक ज्ञान से प्रकाशित कीं। उन्होंने ईश्वर के सत्य के बारे में बताया कि ईश्वर एक है और ज्योति स्वरूप है, जिसे सभी किसी न किसी रूप में पूजते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हम सच्चे और अच्छे कर्म करें, तो जीवन में कोई बुरा अनुभव नहीं आएगा। प्रकृति ऐसे कर्मों का कई गुना फल हमें स्वतः लौटा देती है।

  • अपील : जमशेदपुर के अन्य लोग भी अगले 3 दिनों तक इस शिविर में भाग ले सकते हैं और वास्तविक प्राकृतिक आहार के माध्यम से असली स्वास्थ्य का अद्भुत ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।

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